अम्सा 13:12 - किताब-ए मुक़द्दस12 जो उम्मीद वक़्त पर पूरी न हो जाए वह दिल को बीमार कर देती है, लेकिन जो आरज़ू पूरी हो जाए वह ज़िंदगी का दरख़्त है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201912 उम्मीद के पूरा होने में ताख़ीर दिल को बीमार करती है, लेकिन आरजू़ का पूरा होना ज़िन्दगी का दरख़्त है। Viz kapitola |