अम्सा 10:6 - किताब-ए मुक़द्दस6 रास्तबाज़ का सर बरकत के ताज से आरास्ता रहता है जबकि बेदीनों के मुँह पर ज़ुल्म का परदा पड़ा रहता है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20196 सादिक़ के सिर पर बरकतें होती हैं, लेकिन शरीरों के मुँह को जु़ल्म ढाँकता है। Viz kapitola |