अम्सा 10:11 - किताब-ए मुक़द्दस11 रास्तबाज़ का मुँह ज़िंदगी का सरचश्मा है, लेकिन बेदीन के मुँह पर ज़ुल्म का परदा पड़ा रहता है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201911 सादिक़ का मुँह ज़िन्दगी का चश्मा है, लेकिन शरीरों के मुँह को जु़ल्म ढाँकता है। Viz kapitola |