अबदियाह 1:3 - किताब-ए मुक़द्दस3 तेरे दिल के ग़ुरूर ने तुझे फ़रेब दिया है। चूँकि तू चटानों की दराड़ों में और बुलंदियों पर रहता है इसलिए तू दिल में सोचता है, ‘कौन मुझे यहाँ से उतार देगा’?” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 ऐ चट्टानों के शिगाफ़ों में रहने वाले, तेरे दिल के घमंड ने तुझे धोका दिया है; तेरा मकान ऊँचा है और तू दिल में कहता है, कौन मुझे नीचे उतारेगा? Viz kapitola |