गिनती 35:29 - किताब-ए मुक़द्दस29 यह उसूल दायमी हैं। जहाँ भी तुम रहते हो तुम्हें हमेशा इन पर अमल करना है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201929 “इसलिए तुम्हारी सब सुकूनतगाहों में नसल — दर — नसल यह बातें फ़ैसले के लिए क़ानून ठहरेंगी। Viz kapitola |