गिनती 14:21 - किताब-ए मुक़द्दस21 इसके बावुजूद मेरी हयात की क़सम और मेरे जलाल की क़सम जो पूरी दुनिया को मामूर करता है, Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201921 लेकिन मुझे अपनी हयात की क़सम और ख़ुदावन्द के जलाल की क़सम जिससे सारी ज़मीन मा'मूर होगी, Viz kapitola |