मरक़ुस 9:47 - किताब-ए मुक़द्दस47-48 और अगर तेरी आँख तुझे गुनाह करने पर उकसाए तो उसे निकाल देना। इससे पहले कि तुझे दो आँखों समेत जहन्नुम में फेंका जाए जहाँ लोगों को खानेवाले कीड़े कभी नहीं मरते और आग कभी नहीं बुझती बेहतर यह है कि तू एक आँख से महरूम होकर अल्लाह की बादशाही में दाख़िल हो। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201947 और अगर तेरी आँख तुझे ठोकर खिलाए तो उसे निकाल डाल काना हो कर ज़िन्दगी में दाख़िल होना तेरे लिए इससे बेहतर है कि दो आँखें होते जहन्नुम में डाला जाए। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा47 और अगर तुम्हारी आंख तुम्हारे लिये ठोकर का बाइस बनती है तो, उसे निकाल दो। क्यूंके कान होकर ख़ुदा की बादशाही में दाख़िल होना दो आंखें होते जहन्नुम की आग में डाले जाने से बेहतर है, Viz kapitola |