मरक़ुस 8:31 - किताब-ए मुक़द्दस31 फिर ईसा उन्हें तालीम देने लगा, “लाज़िम है कि इब्ने-आदम बहुत दुख उठाकर बुज़ुर्गों, राहनुमा इमामों और शरीअत के उलमा से रद्द किया जाए। उसे क़त्ल भी किया जाएगा, लेकिन वह तीसरे दिन जी उठेगा।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201931 फिर वो उनको ता'लीम देने लगा, कि ज़रूर है कि इबने आदम बहुत दु:ख उठाए और बुज़ुर्ग और सरदार काहिन और आलिम उसे रद्द करें, और वो क़त्ल किया जाए, और तीन दिन के बाद जी उठे। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा31 फिर वह अपने शागिर्दों को तालीम देने लगे इब्न-ए-आदम का दुख उठाना बहुत ज़रूरी है और ये भी वह बुज़ुर्गों, अहम-काहिनों और शरीअत के आलिमों की जानिब से रद्द किया जाये, और वह क़त्ल किया जाये और तीसरे दिन फिर ज़िन्दा हो जाये। Viz kapitola |