मरक़ुस 7:11 - किताब-ए मुक़द्दस11 लेकिन जब कोई अपने वालिदैन से कहे, ‘मैं आपकी मदद नहीं कर सकता, क्योंकि मैंने मन्नत मानी है कि जो मुझे आपको देना था वह अल्लाह के लिए क़ुरबानी है’ तो तुम इसे जायज़ क़रार देते हो। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201911 लेकिन तुम कहते हो, 'अगर कोई बाप या माँ से कहे' कि जिसका तुझे मुझ से फ़ाइदा पहुँच सकता था, 'वो क़ुर्बान या'नी ख़ुदा की नज़्र हो चुकी। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा11 मगर तुम ये कहते हो के जो चाहे अपने ज़रूरतमन्द बाप या मां से कह सकता है के मेरी जिस चीज़ से तुझे फ़ायदा पहुंच सकता था वह तो क़ुर्बान (यानी, ख़ुदा की नज़्र) हो चुकी Viz kapitola |