मरक़ुस 5:4 - किताब-ए मुक़द्दस4 उसे बहुत दफ़ा बेड़ियों और ज़ंजीरों से बाँधा गया था, लेकिन जब भी ऐसा हुआ तो उसने ज़ंजीरों को तोड़कर बेड़ियों को टुकड़े टुकड़े कर दिया था। कोई भी उसे कंट्रोल नहीं कर सकता था। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 क्यूँकि वो बार बार बेड़ियों और ज़ंजीरों से बाँधा गया था, लेकिन उसने ज़ंजीरों को तोड़ा और बेड़ियों के टुकड़े टुकड़े किया था, और कोई उसे क़ाबू में न ला सकता था। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा4 क्यूंके पहले कई बार वह बेड़ियों और ज़न्जीरों से जकड़ा गया था, लेकिन वह ज़न्जीरों को तोड़ डालता और बेड़ियों के टुकड़े-टुकड़े कर देता था। और कोई उसे क़ाबू में न ला सकता था। Viz kapitola |