मरक़ुस 3:2 - किताब-ए मुक़द्दस2 सबत का दिन था और लोग बड़े ग़ौर से देख रहे थे कि क्या ईसा उस आदमी को आज भी शफ़ा देगा। क्योंकि वह इस पर इलज़ाम लगाने का कोई बहाना तलाश कर रहे थे। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 और वो उसके इंतिज़ार में रहे, कि अगर वो उसे सबत के दिन अच्छा करे तो उस पर इल्ज़ाम लगाएँ। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा2 और फ़रीसी हुज़ूर ईसा पर की ताक में थे इसलिये हुज़ूर को क़रीब से देखने लगे के अगर हुज़ूर सबत के दिन उस आदमी को शिफ़ा बख़्शते हैं तो वो हुज़ूर पर इल्ज़ाम लगा सकें। Viz kapitola |