मरक़ुस 14:63 - किताब-ए मुक़द्दस63 इमामे-आज़म ने रंजिश का इज़हार करके अपने कपड़े फाड़ लिए और कहा, “हमें मज़ीद गवाहों की क्या ज़रूरत रही! Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201963 सरदार काहिन ने अपने कपड़े फाड़ कर कहा “अब हमें गवाहों की क्या ज़रूरत रही। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा63 तब आला काहिन ने अपने कपड़े फाड़ डाले और बोला, “अब हमें गवाहों की क्या ज़रूरत है? Viz kapitola |