मरक़ुस 12:33 - किताब-ए मुक़द्दस33 हमें उसे अपने पूरे दिल, अपने पूरे ज़हन और अपनी पूरी ताक़त से प्यार करना चाहिए और साथ साथ अपने पड़ोसी से वैसी मुहब्बत रखनी चाहिए जैसी अपने आपसे रखते हैं। यह दो अहकाम भस्म होनेवाली तमाम क़ुरबानियों और दीगर नज़रों से ज़्यादा अहमियत रखते हैं।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201933 और उसे सारे दिल और सारी अक़्ल और सारी ताक़त से मुहब्बत रखना और अपने पड़ोसी से अपने बराबर मुहब्बत रखना सब सोख़्तनी क़ुर्बानियों और ज़बीहों से बढ़ कर है।” Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा33 और उन से अपने सारे दिल, अपनी सारी अक़्ल और अपनी सारी ताक़त, से महब्बत रखो और अपने पड़ोसी से अपनी मानिन्द महब्बत रखना सारी सोख़्तनी क़ुर्बानियों और ज़बीहों से बढ़कर है।” Viz kapitola |