मत्ती 6:27 - किताब-ए मुक़द्दस27 क्या तुममें से कोई फ़िकर करते करते अपनी ज़िंदगी में एक लमहे का भी इज़ाफ़ा कर सकता है? Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201927 तुम में से ऐसा कौन है जो फ़िक्र करके अपनी उम्र एक घड़ी भी बढ़ा सके? Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा27 क्या तुम में कोई ऐसा है जो फ़िक्र कर के अपनी उम्र में एक घड़ी भी बढ़ा सके? Viz kapitola |