मत्ती 27:64 - किताब-ए मुक़द्दस64 इसलिए हुक्म दें कि क़ब्र को तीसरे दिन तक महफ़ूज़ रखा जाए। ऐसा न हो कि उसके शागिर्द आकर उस की लाश को चुरा ले जाएँ और लोगों को बताएँ कि वह मुरदों में से जी उठा है। अगर ऐसा हुआ तो यह आख़िरी धोका पहले धोके से भी ज़्यादा बड़ा होगा।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201964 पस हुक्म दे कि तीसरे दिन तक क़ब्र की निगहबानी की जाए, कहीं ऐसा न हो कि उसके शागिर्द आकर उसे चुरा ले जाएँ, और लोगों से कह दें, वो मुर्दों में से जी उठा, और ये पिछला धोखा पहले से भी बुरा हो।” Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा64 लिहाज़ा हुक्म दें के तीसरे दिन तक क़ब्र की निगरानी की जाये। कहीं ऐसा न हो के उस के शागिर्द आकर उस की लाश को चुरा न ले जायें और लोगों से कह दें के वह मुर्दों में से ज़िन्दा हो गया है। और ये बाद का फ़रेब पहले वाले फ़रेब से भी बद्तर होगा।” Viz kapitola |