मत्ती 27:1 - किताब-ए मुक़द्दस1 सुबह-सवेरे तमाम राहनुमा इमाम और क़ौम के तमाम बुज़ुर्ग इस फ़ैसले तक पहुँच गए कि ईसा को सज़ाए-मौत दी जाए। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20191 जब सुबह हुई तो सब सरदार काहिनों और क़ौम के बुज़ुर्गों ने ईसा के ख़िलाफ़ मशवरा किया कि उसे मार डालें। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा1 सुबह होते ही सारे अहम-काहिनों और क़ौम के बुज़ुर्गों ने आपस में हुज़ूर ईसा को क़त्ल करने का मन्सूबा बनाया के उन्हें किस तरह मार डालें। Viz kapitola |