मत्ती 22:46 - किताब-ए मुक़द्दस46 कोई भी जवाब न दे सका, और उस दिन से किसी ने भी उससे मज़ीद कुछ पूछने की जुर्रत न की। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201946 कोई उसके जवाब में एक हर्फ़ न कह सका, और न उस दिन से फिर किसी ने उससे सवाल करने की जुरअत की। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा46 उन में से कोई एक लफ़्ज़ भी जवाब में न कह सका, और उस दिन से फिर किसी ने भी हुज़ूर से और कोई सवाल करने की जुरअत न की। Viz kapitola |