मत्ती 20:15 - किताब-ए मुक़द्दस15 क्या मेरा हक़ नहीं कि मैं जैसा चाहूँ अपने पैसे ख़र्च करूँ? या क्या तू इसलिए हसद करता है कि मैं फ़ैयाज़दिल हूँ?’ Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201915 क्या मुझे ठीक नहीं कि अपने माल से जो चाहूँ सो करूँ? तू इसलिए कि मैं नेक हूँ बुरी नज़र से देखता है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा15 क्या मुझे ये हक़ नहीं के अपने माल से जो चाहूं सौ करूं? या क्या तुझे मेरी सख़ावत तुम्हारी नज़रों में बुरी लग रही है?’ Viz kapitola |