मत्ती 18:28 - किताब-ए मुक़द्दस28 लेकिन जब यही नौकर बाहर निकला तो एक हमख़िदमत मिला जो उसका चंद हज़ार रूपों का क़र्ज़दार था। उसे पकड़कर वह उसका गला दबाकर कहने लगा, ‘अपना क़र्ज़ अदा कर!’ Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201928 “जब वो नौकर बाहर निकला तो उसके हम ख़िदमतों में से एक उसको मिला जिस पर उसके सौ चाँदी के सिक्के आते थे। उसने उसको पकड़ कर उसका गला घोंटा और कहा, ‘जो मेरा आता है अदा कर दे!’ Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा28 “लेकिन जब वह ख़ादिम वहां से बाहर निकला तो उसे एक ऐसा ख़ादिम मिला जो उस का हम ख़िदमत था और जिसे उस ने सौ दीनार क़र्ज़ के तौर पर दे रखा था। उस ने उसे पकड़ कर उस का गला दबाया और कहा, ‘ला, मेरी रक़म वापस कर!’ Viz kapitola |