मत्ती 17:21 - किताब-ए मुक़द्दस21 [लेकिन इस क़िस्म की बदरूह दुआ और रोज़े के बग़ैर नहीं निकलती।]” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201921 (लेकिन ये क़िस्म दुआ और रोज़े के सिवा और किसी तरह नहीं निकल सकती) Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा21 लेकिन इस क़िस्म की बदरूह दुआ और रोज़े के बग़ैर नहीं निकलती। Viz kapitola |