मत्ती 13:21 - किताब-ए मुक़द्दस21 लेकिन वह जड़ नहीं पकड़ते और इसलिए ज़्यादा देर तक क़ायम नहीं रहते। ज्योंही वह कलाम पर ईमान लाने के बाइस किसी मुसीबत या ईज़ारसानी से दोचार हो जाएँ तो वह बरगश्ता हो जाते हैं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201921 लेकिन अपने अन्दर जड़ नहीं रखता बल्कि चन्द रोज़ा है, और जब कलाम के वजह से मुसीबत या ज़ुल्म बर्पा होता है तो फ़ौरन ठोकर खाता है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा21 लेकिन वह उस के अन्दर जड़ नहीं पकड़ पाता और थोड़े दिनों तक ही क़ाइम रह पाता है। क्यूंके जब कलाम के सबब से ज़ुल्म या मुसीबत आती है तो वह फ़ौरन गिर पड़ता है। Viz kapitola |