मत्ती 12:43 - किताब-ए मुक़द्दस43 जब कोई बदरूह किसी शख़्स से निकलती है तो वह वीरान इलाक़ों में से गुज़रती हुई आराम की जगह तलाश करती है। लेकिन जब उसे कोई ऐसा मक़ाम नहीं मिलता Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201943 “जब बदरूह आदमी में से निकलती है तो सूखे मक़ामों में आराम ढूँडती फिरती है, और नहीं पाती। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा43 “जब किसी आदमी में से बदरूह निकल जाती है तो वह सूखे मक़ामों में जा कर आराम ढूंडती है और जब नहीं पाती। Viz kapitola |