मत्ती 10:25 - किताब-ए मुक़द्दस25 शागिर्द को इस पर इकतिफ़ा करना है कि वह अपने उस्ताद की मानिंद हो, और इसी तरह ग़ुलाम को कि वह अपने मालिक की मानिंद हो। घराने के सरपरस्त को अगर बदरूहों का सरदार बाल-ज़बूल क़रार दिया गया है तो उसके घरवालों को क्या कुछ न कहा जाएगा। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201925 शागिर्द के लिए ये काफ़ी है कि अपने उस्ताद की तरह हो; और नौकर के लिए ये कि अपने मालिक की तरह जब उन्होंने घर के मालिक को बा'लज़बूल कहा; तो उसके घराने के लोगों को क्यूँ न कहेंगे।” Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा25 शागिर्द के लिये यही काफ़ी है के वह अपने उस्ताद की मानिन्द हो जाये; और ख़ादिम अपने आक़ा की मानिन्द हो जाये। अगर उन्होंने घर के मालिक को बालज़बूल कहा है तो उस के घराने के लोगों को और क्या कुछ बुरा भला क्यूं न कहेंगे! Viz kapitola |