मत्ती 10:10 - किताब-ए मुक़द्दस10 न सफ़र के लिए बैग हो, न एक से ज़्यादा सूट, न जूते, न लाठी। क्योंकि मज़दूर अपनी रोज़ी का हक़दार है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201910 रास्ते के लिए न झोली लेना न दो — दो कुरते न जूतियाँ न लाठी; क्यूँकि मज़दूर अपनी ख़ूराक का हक़दार है।” Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा10 न रास्ते के लिये थैला लेना न दो-दो कुर्ते, न जूते और न लाठी क्यूंके मज़दूर अपनी मज़दूरी का हक़्दार है। Viz kapitola |