मलाकी 2:6 - किताब-ए मुक़द्दस6 वह क़ाबिले-एतमाद तालीम देते थे, और उनकी ज़बान पर झूट नहीं होता था। वह सलामती से और सीधी राह पर मेरे साथ चलते थे, और बहुत-से लोग उनके बाइस गुनाह से दूर हो गए। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20196 सच्चाई की शरी'अत उसके मुँह में थी, और उसके लबों पर नारास्ती न पाई गई। वह मेरे सामने सलामती और रास्ती से चलता रहा, और वह बहुतों को बदी की राह से वापस लाया। Viz kapitola |