लूक़ा 8:14 - किताब-ए मुक़द्दस14 ख़ुदरौ काँटेदार पौदों के दरमियान गिरे हुए दाने वह लोग हैं जो सुनते तो हैं, लेकिन जब वह चले जाते हैं तो रोज़मर्रा की परेशानियाँ, दौलत और ज़िंदगी की ऐशो-इशरत उन्हें फलने फूलने नहीं देती। नतीजे में वह फल लाने तक नहीं पहुँचते। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201914 और जो झाड़ियों में पड़ा उससे वो लोग मुराद हैं, जिन्होंने सुना लेकिन होते होते इस ज़िन्दगी की फ़िक्रों और दौलत और 'ऐश — ओ — अशरत में फ़ँस जाते हैं और उनका फल पकता नहीं। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा14 और झाड़ियों में गिरने वाले बीज से मुराद वह लोग हैं जो कलाम को सुनते तो हैं लेकिन रफ़्ता-रफ़्ता ज़िन्दगी की फ़िक्रो, दौलत और ऐश-ओ-इशरत में फंस जाते हैं और उन का फल पक नहीं पाता। Viz kapitola |