लूक़ा 7:45 - किताब-ए मुक़द्दस45 जब मैं इस घर में आया तो तूने मुझे पाँव धोने के लिए पानी न दिया। लेकिन इसने मेरे पाँवों को अपने आँसुओं से तर करके अपने बालों से पोंछकर ख़ुश्क कर दिया है। तूने मुझे बोसा न दिया, लेकिन यह मेरे अंदर आने से लेकर अब तक मेरे पाँवों को चूमने से बाज़ नहीं रही। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201945 तू ने मुझ को बोसा न दिया, मगर इसने जब से मैं आया हूँ मेरे पाँव चूमना न छोड़ा। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा45 तूने मुझे बोसा न दिया लेकिन जब से मैं अन्दर आया हूं ये ख़ातून मेरे पांव चूमने से बाज़ नहीं आ रही है। Viz kapitola |