लूक़ा 5:21 - किताब-ए मुक़द्दस21 यह सुनकर शरीअत के आलिम और फ़रीसी सोच-बिचार में पड़ गए, “यह किस तरह का बंदा है जो इस क़िस्म का कुफ़र बकता है? सिर्फ़ अल्लाह ही गुनाह मुआफ़ कर सकता है।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201921 इस पर फ़क़ीह और फ़रीसी सोचने लगे, “ये कौन है जो कुफ़्र बकता है? ख़ुदा के सिवा और कौन गुनाह मु'आफ़ कर सकता है?” Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा21 शरीअत के आलिम और फ़रीसी सोचने लगे, “ये आदमी कौन है जो कुफ़्र बकता है। ख़ुदा के सिवा कौन गुनाह मुआफ़ कर सकता है?” Viz kapitola |