लूक़ा 4:33 - किताब-ए मुक़द्दस33 इबादतख़ाने में एक आदमी था जो किसी नापाक रूह के क़ब्ज़े में था। अब वह चीख़ चीख़कर बोलने लगा, Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201933 इबादतख़ाने में एक आदमी था, जिसमें बदरूह थी। वो बड़ी आवाज़ से चिल्ला उठा कि, Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा33 यहूदी इबादतगाह में एक शख़्स था जिस में बदरूह थी। वह बड़ी ऊंची आवाज़ से चिल्लाने लगा, Viz kapitola |