लूक़ा 16:17 - किताब-ए मुक़द्दस17 लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि शरीअत मनसूख़ हो गई है बल्कि आसमानो-ज़मीन जाते रहेंगे, लेकिन शरीअत की ज़ेर ज़बर तक कोई भी बात नहीं बदलेगी। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201917 लेकिन आसमान और ज़मीन का टल जाना, शरी'अत के एक नुक्ते के मिट जाने से आसान है।” Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा17 आसमान और ज़मीन का ग़ायब हो जाना आसान है लेकिन तौरेत का एक शोशा तक भी मिटना मुम्किन नहीं है। Viz kapitola |