लूक़ा 14:30 - किताब-ए मुक़द्दस30 कहेगा, ‘उसने इमारत को शुरू तो किया, लेकिन अब उसे मुकम्मल नहीं कर पाया।’ Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201930 इस शख़्स ने 'इमारत शुरू तो की मगर मुकम्मल न कर सका। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा30 और कहेंगे, ‘इस आदमी ने इमारत शुरू तो की लेकिन उसे मुकम्मल न कर सका।’ Viz kapitola |