लूक़ा 14:12 - किताब-ए मुक़द्दस12 फिर ईसा ने मेज़बान से बात की, “जब तू लोगों को दोपहर या शाम का खाना खाने की दावत देना चाहता है तो अपने दोस्तों, भाइयों, रिश्तेदारों या अमीर हमसायों को न बुला। ऐसा न हो कि वह इसके एवज़ तुझे भी दावत दें। क्योंकि अगर वह ऐसा करें तो यही तेरा मुआवज़ा होगा। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201912 फिर उसने अपने बुलानेवाले से कहा, “जब तू दिन का या रात का खाना तैयार करे, तो अपने दोस्तों या भाइयों या रिश्तेदारों या दौलतमन्द पड़ोसियों को न बुला; ताकि ऐसा न हो कि वो भी तुझे बुलाएँ और तेरा बदला हो जाए। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा12 फिर हुज़ूर ईसा ने अपने मेज़बान से कहा, “जब तू दोपहर का या रात का खाना पकवाए, तो अपने दोस्तों, भाईयों या बहनों, रिश्तेदारों या अमीर पड़ोसियों को न बुला; क्यूंके वह भी तुझे बुलाकर, तेरा एहसान चुका सकते हैं। Viz kapitola |