लूक़ा 13:34 - किताब-ए मुक़द्दस34 हाय यरूशलम, यरूशलम! तू जो नबियों को क़त्ल करती और अपने पास भेजे हुए पैग़ंबरों को संगसार करती है। मैंने कितनी ही बार तेरी औलाद को जमा करना चाहा, बिलकुल उसी तरह जिस तरह मुरग़ी अपने बच्चों को अपने परों तले जमा करके महफ़ूज़ कर लेती है। लेकिन तूने न चाहा। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201934 “ऐ येरूशलेम! ऐ येरूशलेम! तू जो नबियों को क़त्ल करती है, और जो तेरे पास भेजे गए उन पर पथराव करती है। कितनी ही बार मैंने चाहा कि जिस तरह मुर्ग़ी अपने बच्चों को परों तले जमा कर लेती है, उसी तरह मैं भी तेरे बच्चों को जमा कर लूँ, मगर तुम ने न चाहा। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा34 “ऐ यरूशलेम! ऐ यरूशलेम! तू जो नबियों को क़त्ल करती है और जो तेरे पास भेजे गये उन्हें संगसार कर डालती है, मैंने कई दफ़ा चाहा के तेरे बच्चों को एक साथ जमा कर लूं जिस तरह मुर्ग़ी अपने चूज़ों को अपने परों के नीचे जमा कर लेती है, लेकिन तुम ने न चाहा। Viz kapitola |