लूक़ा 12:51 - किताब-ए मुक़द्दस51 क्या तुम समझते हो कि मैं दुनिया में सुलह-सलामती क़ायम करने आया हूँ? नहीं, मैं तुमको बताता हूँ कि इसकी बजाए मैं इख़्तिलाफ़ पैदा करूँगा। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201951 क्या तुम गुमान करते हो कि मैं ज़मीन पर सुलह कराने आया हूँ? मैं तुम से कहता हूँ कि नहीं, बल्कि जुदाई कराने। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा51 क्या तुम सोचते हो के मैं ज़मीन पर सुलह क़ाइम कराने आया हूं? नहीं, मैं तो लोगों को एक दूसरे से जुदा कराने आया हूं। Viz kapitola |