लूक़ा 11:44 - किताब-ए मुक़द्दस44 हाँ, तुम पर अफ़सोस! क्योंकि तुम पोशीदा क़ब्रों की मानिंद हो जिन पर से लोग नादानिस्ता तौर पर गुज़रते हैं।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201944 तुम पर अफ़सोस! क्यूँकि तुम उन छिपी हुई क़ब्रों की तरह हो जिन पर आदमी चलते है, और उनको इस बात की ख़बर नहीं।” Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा44 “तुम पर अफ़सोस, तुम उन पोशीदा क़ब्रों की तरह हो जिन पर से लोग अनजाने में पांव रखते हुए गुज़र जाते हैं।” Viz kapitola |