लूक़ा 11:42 - किताब-ए मुक़द्दस42 फ़रीसियो, तुम पर अफ़सोस! क्योंकि एक तरफ़ तुम पौदीना, सदाब और बाग़ की हर क़िस्म की तरकारी का दसवाँ हिस्सा अल्लाह के लिए मख़सूस करते हो, लेकिन दूसरी तरफ़ तुम इनसाफ़ और अल्लाह की मुहब्बत को नज़रंदाज़ करते हो। लाज़िम है कि तुम यह काम भी करो और पहला भी न छोड़ो। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201942 “लेकिन ऐ फ़रीसियों! तुम पर अफ़सोस, कि पुदीने और सुदाब और हर एक तरकारी पर दसवाँ हिस्सा देते हो, और इन्साफ़ और ख़ुदा की मुहब्बत से ग़ाफ़िल रहते हो; लाज़िम था कि ये भी करते और वो भी न छोड़ते। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा42 “मगर ऐ फ़रीसियों, तुम पर अफ़सोस, तुम पोदीना, सदाब और सब्ज़ी तरकारी का दसवां हिस्सा ख़ुदा को देते हो लेकिन दूसरी तरफ़ इन्साफ़ करने से और ख़ुदा की महब्बत से ग़ाफ़िल रहते हो। लाज़िम तो ये था के तुम पहले वाले को बग़ैर छोड़े पूरा करते और बाद वाले को भी अमल में लाते। Viz kapitola |