लूक़ा 11:4 - किताब-ए मुक़द्दस4 हमारे गुनाहों को मुआफ़ कर। क्योंकि हम भी हर एक को मुआफ़ करते हैं जो हमारा गुनाह करता है। और हमें आज़माइश में न पड़ने दे।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 और हमारे गुनाह मु'आफ़ कर, क्यूँकि हम भी अपने हर क़र्ज़दार को मु'आफ़ करते हैं, और हमें आज़माइश में न ला'।” Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा4 और हमारे गुनाहों को मुआफ़ कर, क्यूंके हम भी अपने हर क़ुसूरवार को मुआफ़ करते हैं। और हमें आज़माइश में न पड़ने दें।’ ” Viz kapitola |