लूक़ा 11:33 - किताब-ए मुक़द्दस33 जब कोई शख़्स चराग़ जलाता है तो न वह उसे छुपाता, न बरतन के नीचे रखता बल्कि उसे शमादान पर रख देता है ताकि उस की रौशनी अंदर आनेवालों को नज़र आए। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201933 “कोई शख़्स चराग़ जला कर तहखाने में या पैमाने के नीचे नहीं रखता, बल्कि चराग़दान पर रखता है ताकि अन्दर जाने वालों को रोशनी दिखाई दे। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा33 “कोई शख़्स चिराग़ जला कर तहख़ाने या पैमाने के नीचे नहीं लेकिन चिराग़दान पर रखता है ताके अन्दर आने वालों को रोशनी दिखाई दे। Viz kapitola |