लूक़ा 10:25 - किताब-ए मुक़द्दस25 एक मौक़े पर शरीअत का एक आलिम ईसा को फँसाने की ख़ातिर खड़ा हुआ। उसने पूछा, “उस्ताद, मैं क्या क्या करने से मीरास में अबदी ज़िंदगी पा सकता हूँ?” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201925 और देखो, एक शरा का आलिम उठा, और ये कहकर उसकी आज़माइश करने लगा, “ऐ उस्ताद, मैं क्या करूँ कि हमेशा की ज़िन्दगी का बारिस बनूँ?” Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा25 तब एक शरीअत का आलिम उठा और हुज़ूर ईसा को आज़माने की ग़रज़ से कहने लगा। ऐ उस्ताद, “मुझे अब्दी ज़िन्दगी का वारिस बनने के लिये क्या करना होगा?” Viz kapitola |