लूक़ा 1:8 - किताब-ए मुक़द्दस8 एक दिन बैतुल-मुक़द्दस मैं अबियाह के गुरोह की बारी थी और ज़करियाह अल्लाह के हुज़ूर अपनी ख़िदमत सरंजाम दे रहा था। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20198 जब वो ख़ुदा के हुज़ूर अपने फ़रीके की बारी पर इमामत का काम अन्जाम देता था तो ऐसा हुआ, Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा8 एक बार ज़करियाह के फ़िर्क़े की बारी पर जब वह ख़ुदा के हुज़ूर कहानत के फ़राइज़ अन्जाम दे रहे थे। Viz kapitola |