लूक़ा 1:3 - किताब-ए मुक़द्दस3 मैंने भी हर मुमकिन कोशिश की है कि सब कुछ शुरू से और ऐन हक़ीक़त के मुताबिक़ मालूम करूँ। अब मैं यह बातें तरतीब से आपके लिए लिखना चाहता हूँ। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 इसलिए ऐ मु'अज़्ज़िज़ थियुफ़िलुस! मैंने भी मुनासिब जाना कि सब बातों का सिलसिला शुरू' से ठीक — ठीक मालूम करके उनको तेरे लिए तरतीब से लिखूँ। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा3 इसलिये ऐ मुहतरम थियुफ़िलुस, मैंने ख़ुद शुरू से हर बात की ख़ूब तहक़ीक़ की, और मुनासिब समझा के सब बातों को तरतीबवार तहरीर कर के आप की ख़िदमत में पेश करूं, Viz kapitola |