अहबार 7:2 - किताब-ए मुक़द्दस2 क़ुसूर की क़ुरबानी वहीं ज़बह करनी है जहाँ भस्म होनेवाली क़ुरबानी ज़बह की जाती है। उसका ख़ून क़ुरबानगाह के चार पहलुओं पर छिड़का जाए। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 जिस जगह सोख़्तनी क़ुर्बानी के जानवर को ज़बह करते हैं, वहीं वह जुर्म की क़ुर्बानी के जानवर को भी ज़बह करें; और वह उसके ख़ून को मज़बह के चारों तरफ़ छिड़के। Viz kapitola |