अहबार 7:12 - किताब-ए मुक़द्दस12 अगर कोई इस क़ुरबानी से अपनी शुक्रगुज़ारी का इज़हार करना चाहे तो वह जानवर के साथ बेख़मीरी रोटी जिसमें तेल डाला गया हो, बेख़मीरी रोटी जिस पर तेल लगाया गया हो और रोटी जिसमें बेहतरीन मैदा और तेल मिलाया गया हो पेश करे। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201912 कि वह अगर शुक्राने के तौर पर उसे अदा करे तो वह शुक्राने के ज़बीहे के साथ, तेल मिले हुए बे — ख़मीरी कुल्चे और तेल चुपड़ी हुई बे — ख़मीरी चपातियाँ और तेल मिले हुए मैदे के तर कुल्चे भी पेश करे। Viz kapitola |