अहबार 27:29 - किताब-ए मुक़द्दस29 इसी तरह जिस शख़्स को तबाही के लिए मख़सूस किया गया है उसका फ़िद्या नहीं दिया जा सकता। लाज़िम है कि उसे सज़ाए-मौत दी जाए। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201929 अगर आदमियों में से कोई मख़्सूस किया जाए तो उसका फ़िदिया न दिया जाए, वह ज़रूर जान से मारा जाए। Viz kapitola |