अहबार 22:30 - किताब-ए मुक़द्दस30 अगली सुबह तक कुछ बचा न रहे बल्कि उसे उसी दिन खाना है। मैं रब हूँ। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201930 और वह उसी दिन खा भी लिया जाए, तुम उसमें से कुछ भी दूसरे दिन की सुबह तक बाक़ी न छोड़ना; मैं ख़ुदावन्द हूँ। Viz kapitola |