अहबार 13:30 - किताब-ए मुक़द्दस30 तो इमाम मुतअस्सिरा जगह का मुआयना करे। अगर वह धँसी हुई नज़र आए और उसके बाल रंग के लिहाज़ से चमकते हुए सोने की मानिंद और बारीक हों तो इमाम मरीज़ को नापाक क़रार दे। इसका मतलब है कि ऐसी वबाई जिल्दी बीमारी सर या दाढ़ी की जिल्द पर लग गई है जो ख़ारिश पैदा करती है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201930 तो काहिन उस दाग़ को मुलाहिज़ा करे और अगर देखे कि वह खाल से गहरा मा'लूम होता है और उस पर ज़र्द — ज़र्द बारीक रोंगटे हैं तों काहिन उस शख़्स को नापाक क़रार दे क्यूँकि वह सा'फ़ा है जो सिर या ठोड़ी का कोढ़ है। Viz kapitola |