अहबार 12:6 - किताब-ए मुक़द्दस6 जब लड़के या लड़की के सिलसिले में यह दिन गुज़र जाएँ तो वह मुलाक़ात के ख़ैमे के दरवाज़े पर इमाम को ज़ैल की चीज़ें दे : भस्म होनेवाली क़ुरबानी के लिए एक यकसाला भेड़ का बच्चा और गुनाह की क़ुरबानी के लिए एक जवान कबूतर या क़ुम्री। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20196 'और जब उसकी तहारत के दिन पूरे हो जाएँ, तो चाहे उसके बेटा हुआ हो या बेटी, वह सोख़्तनी क़ुर्बानी के लिए एक यक — साला बर्रा, और ख़ता की क़ुर्बानी के लिए कबूतर का एक बच्चा या एक कुमरी ख़ेमा — ए — इजितमा'अ के दरवाज़े पर काहिन के पास लाए; Viz kapitola |