नोहा 3:8 - किताब-ए मुक़द्दस8 ख़ाह मैं मदद के लिए कितनी चीख़ें क्यों न मारूँ वह मेरी इल्तिजाएँ अपने हुज़ूर पहुँचने नहीं देता। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20198 बल्कि जब मैं पुकारता और दुहाई देता हूँ, तो वह मेरी फ़रियाद नहीं सुनता। Viz kapitola |