नोहा 3:63 - किताब-ए मुक़द्दस63 देख कि यह क्या करते हैं! ख़ाह बैठे या खड़े हों, हर वक़्त वह अपने गीतों में मुझे अपने मज़ाक़ का निशाना बनाते हैं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201963 उनकी महफ़िल — ओ — बरख़ास्त को देख कि मेरा ही ज़िक्र है। Viz kapitola |