यहूदाह 1:6 - किताब-ए मुक़द्दस6 उन फ़रिश्तों को याद करें जो उस दायराए-इख़्तियार के अंदर न रहे जो अल्लाह ने उनके लिए मुक़र्रर किया था बल्कि जिन्होंने अपनी रिहाइशगाह को तर्क कर दिया। उन्हें उसने तारीकी में महफ़ूज़ रखा है जहाँ वह अबदी ज़ंजीरों में जकड़े हुए रोज़े-अज़ीम की अदालत का इंतज़ार कर रहे हैं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20196 और जिन फ़रिश्तों ने अपनी हुकुमत को क़ाईम न रख्खा बल्कि अपनी ख़ास जगह को छोड़ दिया, उनको उसने हमेशा की क़ैद में अंधेरे के अन्दर रोज़ — ए — 'अज़ीम की 'अदालत तक रख्खा है Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा6 और जिन फ़रिश्तों ने अपने इख़्तियार वाले ओहदा को क़ाइम न रख्खा बल्के अपने मुक़र्रर ख़ास मक़ाम को छोड़ दिया, उन्हें ख़ुदा ने अज़ली ज़न्जीरों में जकड़ कर अदालत के दिन तक के लिये जहन्नुम की तारीकी में क़ैद कर रख्खा है। Viz kapitola |